जय हिंद साथियों,
मैं आज आपसे भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया है, के संबंध में बात करना चाहता हूँ।
जैसा कि आप सभी जानते हैं, पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले में 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन "द रेजिस्टेंस फ्रंट" (टीआरएफ), जो कि लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मुखौटा है, ने ली थी।
भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पहलगाम में हुए इस जघन्य अपराध के बाद, देश में आक्रोश था और यह स्वाभाविक था कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
सशस्त्र बलों की जवाबी कार्रवाई
भारतीय सशस्त्र बलों ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत, हमारी सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। यह कार्रवाई सटीक, लक्षित और गैर-बढ़ावा देने वाली थी। हमने यह स्पष्ट किया कि हमारा उद्देश्य केवल आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करना था, और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया।
यह कार्रवाई पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उन लोगों को एक स्पष्ट संदेश है जो भारत के खिलाफ आतंकवाद को प्रायोजित और निर्देशित करते हैं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
सीमा पर स्थिति
हालांकि, हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। कुछ खबरें ऐसी भी आ रही हैं कि पाकिस्तान ने इस कार्रवाई के बाद सीमा पर गोलाबारी की है। लेकिन मैं अपने देशवासियों को यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि हमारी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का एक शक्तिशाली प्रदर्शन है। यह उन शहीदों को हमारी श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह एक नए युग की शुरुआत है, जहाँ भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। हमें शांति बनाए रखने की उम्मीद है, लेकिन हम अपनी सुरक्षा और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
जय हिंद, जय भारत।