जय हिंद साथियों,
मैं, वीरेंद्र सिंह तोमर, आज आपसे उस दुखद घटना के बारे में बात करने के लिए जुड़ा हूँ जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया - पहलगाम में हुआ बर्बर आतंकवादी आक्रमण। इस कायरतापूर्ण कृत्य में हमने 25 बहुमूल्य भारतीय जानें और एक नेपाली नागरिक खो दिए। यह आक्रमण न केवल एक त्रासदी है, बल्कि यह आतंकवाद के घृणित चेहरे और उसकी अंधेरगर्दी का प्रमाण भी है।
पहलगाम, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है, अचानक हिंसा और शोक के केंद्र में बदल गया। निर्दोष नागरिकों पर घात लगाकर किया गया यह आक्रमण मानवता के दुश्मनों की निराशा और कायरता को दर्शाता है। इन आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता, इनका एकमात्र मकसद निर्दोषों का खून बहाना और भय का वातावरण पैदा करना है।
इस दुख की घड़ी में, हमारी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम उनके दर्द को साझा करते हैं और इस असहनीय क्षति को सहन करने की शक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। यह क्षति सिर्फ उन परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे देश की क्षति है।
यह आक्रमण हमें एक बार फिर याद दिलाता है कि आतंकवाद एक गंभीर खतरा है, जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। हमें अपनी सुरक्षा बलों पर पूरा विश्वास है जो इन आतंकवादियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ लगातार लड़ रहे हैं। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
इस कायरतापूर्ण आक्रमण के बाद, पूरे देश में आक्रोश है, और यह स्वाभाविक है कि हम इस हिंसा के गुनहगारों को न्याय के कटघरे में देखना चाहते हैं। भारत हमेशा शांति और सह-अस्तित्व में विश्वास रखता है, लेकिन जब हमारी संप्रभुता और हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा आता है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
यह समय शोक मनाने के साथ-साथ संकल्प लेने का भी है। हमें आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करना होगा। हमें उन ताकतों को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा जो हिंसा और घृणा फैलाती हैं। हमें एकजुट होकर यह संदेश देना होगा कि आतंकवाद का कोई भविष्य नहीं है।
आइए, हम सब मिलकर इस दुखद घड़ी में एक दूसरे का साथ दें और आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में दृढ़ रहें। हमारे शहीदों का बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
जय हिंद, जय भारत।